खुदा तेरी रहमत


ए  जिन्दगी हमें  तुझे  जीना नहीं  आया,
वो जो  प्याला था पीना  नहीं   आया ।।

घुट घुट  तो  लिया  भी  हमने  अक्सर,
पर  तुझे  शायद  छिनना   नहीं  आया।।

ज़हर  ए  मुहब्बत  में   फ्नाह  हो गए,
धूप में खड़े  कहते हैं पसीना नहीं आया।।

इश्क़  कि  तपिश  से जो वाकिफ़  नहीं है,
क्यूँ कहते है लोग तुझे करना नहीं आया ।।

और  दौराहे  पे  खड़ी  है  जिन्दगी  मेरी ,
खुदा  कहे  कि  तुझे  मरना  नहीं  आया।।

जीने  का   शौक  जिसे  होता  है  भला ,
मौत  से  पहले  उसे  मरना  नहीं  आया।।

और  देखी  हमने  उसकी  खुदाई  भी  ऐसे,
उस के बाद  जिन्दगी में  डरना नहीं  आया।।

-the rising star @ vini

Love

Love poetry # not so sweet sound but like the video

ना  वो तो जात  देखे  है  ,
ना  ही औकात देखे है ,
मुहब्बत नाम है उसका,
वो बस जसबात देखे है।।

कोई रातों में रोता है,
कोई खाबो में होता है,
मुहब्बत नाम है उसका,
वो दीवानों में खोता है ।।

किसी कि आँखे तरसती है,
किसी कि  यादे बरसती है,
मुहब्बत नाम है  उसका,
वो परवानो पे हँसती  है ।।

कोई आकर  के  बतलाए,
उसे जाकर के समझाए,
कि मुहब्बत खाब है ऐसा,
भला क्यूँ कर के  दिखलाये ।।

– the rising star@vini